GMDA Resolution : नई सड़क, फ्लाईओवर, पानी, ड्रेनेज, इलेक्ट्रिक बसें – जीएमडीए ने बताया 2026 का प्लान

GMDA Resolution : गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने नए साल के लिए अपना संकल्प जारी किया है । जीएमडीए के सीईओ पीसी मीणा का कहना है कि नए साल में गुरुग्राम की सड़क संरचना के विकास, जलापूर्ति के संवर्धन एवं वितरण, सीवरेज एवं ड्रेनेज नेटवर्क को सुदृढ़ करने, सीसीटीवी निगरानी प्रणाली के विस्तार तथा सिटी बस सेवाओं को मजबूत करने सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का क्रियान्वयन करेगा। इन पहलों के माध्यम से शहर की मौजूदा आधारभूत संरचना को और सशक्त बनाया जाएगा तथा नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित किया जाएगा।
जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी.सी. मीणा ने कहा कि 2026 के लिए प्लान की गई नई परियोजनाएं गुरुग्राम के मुख्य इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर जीएमडीए के लगातार फोकस को दर्शाती हैं। सड़कों, फ्लाईओवर, पानी की सप्लाई, सीवरेज, ड्रेनेज और सार्वजनिक परिवहन से संबंधित विकास कार्यों की योजना काम की गुणवत्ता और समय पर पूरा होने पर जोर देते हुए बनाई गई है। ये परियोजनाएं प्रमुख शहरी चुनौतियों का समाधान करेंगी और गुरुग्राम के लोगों को लंबे समय तक लाभ पहुंचाएंगी।
कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए प्रमुख सड़कों का उन्नयन
जीएमडीए वर्ष 2026 में कई नई सड़क अवसंरचना परियोजनाएं प्रारंभ करेगा। सेक्टर 45-46-51-52 को जोड़ने वाले अंबेडकर चौक तथा सेक्टर 85-86-89-90 स्थित दादी सती चौक के व्यस्त चौराहों पर भविष्य में वाहनों की आवाजाही में संभावित वृद्धि को देखते हुए जीएमडीए द्वारा काम किया जा रहा है और अथॉरिटी इन दोनों जंक्शनों पर फ्लाईओवर का निर्माण करेगी जो बड़ी संख्या में यात्रियों के लिए बहुत फायदेमंद होगा।
इसके अतिरिक्त, दक्षिणी परिधीय सड़क (एसपीआर) के उन्नयन के अंतर्गत वाटिका चौक से एनएच-48/सीपीआर तक सिग्नल-फ्री कॉरिडोर एवं एलिवेटेड रोड का प्रावधान किया जा रहा है। यह परियोजना दीर्घकालिक यातायात समाधान प्रदान करेगी और पीक ऑवर्स के दौरान ट्रैफिक जाम को कम करने में सहायक होगी।
एनएच-48 से वाटिका चौक तथा वाटिका चौक से फरीदाबाद रोड तक एसपीआर का उन्नयन, पुराने गुरुग्राम के मुख्य क्षेत्रों में एलिवेटेड सड़कों के माध्यम से यातायात दबाव कम करना, सेक्टर 1 से 57 तथा सेक्टर 68 से 115 तक सर्विस रोड़ की विशेष मरम्मत भी जीएमडीए की प्रमुख योजनाओं में शामिल हैं।
हैमिल्टन रोड, व्यापार केंद्र रोड और एमजी रोड पर चल रहे पुनर्विकास कार्य भी नए वर्ष में पूर्ण किए जाएंगे, जिससे यातायात प्रवाह में सुधार और पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
बसई और चंदू बुढेरा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में जल आपूर्ति इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार
वर्तमान में, जीएमडीए चंदू बुढेड़ा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से 400 एमएलडी पानी और बसई वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से 270 एमएलडी पानी की आपूर्ति कर रहा है।
दोनों वाटर ट्रीटमेंट प्लांट्स में पानी के ट्रीटमेंट की क्षमता को और बढ़ाया जा रहा है। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट चंदू बुढेरा में 100 एमएलडी यूनिट नंबर 5 के निर्माण का काम चल रहा है और मार्च 2026 तक पूरा हो जाएगा। जीएमडीए बसई वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में 100 एमएलडी यूनिट नंबर 4 का निर्माण भी शुरू करेगा, जिससे भविष्य में निवासियों की पानी की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए शहर में दोनों प्लांट्स से कुल पानी की आपूर्ति में काफी वृद्धि होगी।
गुरुग्राम में पानी की आपूर्ति को और बेहतर बनाने के लिए, सेक्टर 72 के बूस्टिंग स्टेशन को चालू करने का काम भी चल रहा है, जिससे 58-115 के आखिरी इलाकों में पानी की आपूर्ति में सुधार होगा। इसके अलावा, निवासियों को पानी की आपूर्ति बढ़ाने के लिए विभिन्न सेक्टरों में नई पानी की पाइपलाइन भी बिछाई जा रही हैं।
सीवरेज एवं ड्रेनेज नेटवर्क को सुदृढ़ करना
नागरिकों को सुदृढ़ सीवरेज नेटवर्क उपलब्ध कराने हेतु जीएमडीए धनवापुर, बेहरामपुर एवं सेक्टर-107 में 100 एमएलडी क्षमता के एसटीपी यूनिट्स तथा नौरंगपुर में 40 एमएलडी क्षमता के एसटीपी का निर्माण करेगा। इससे इन क्षेत्रों में सीवेज के उचित निस्तारण एवं शोधनित जल के पुनः उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। शहर में सीवर लाइनों की डिसिल्टिंग एवं मजबूतीकरण का कार्य भी प्राथमिकता पर किया जा रहा है।
ड्रेनेज नेटवर्क को सुदृढ़ करने हेतु लेग-4 मास्टर ड्रेन का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिसे 31 मई 2026 तक पूरा किया जाएगा। यह परियोजना मानसून के दौरान वर्षा जल के सुचारु निकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सेक्टर 68-75, 76-80 एवं 112-115 में मास्टर ड्रेनेज नेटवर्क का निर्माण भी किया जा रहा है। इसके अलावा, एनएच-48 पर नरसिंहपुर सर्विस रोड से बादशाहपुर ड्रेन तक कंक्रीट ड्रेन का निर्माण कर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा।
जीएमडीए के सीईओ पीसी मीणा का कहना है कि मानसून के दौरान शहर की प्रमुख सड़कों पर जलभराव की संभावनाओं को कम करने और बाढ़ के संवेदनशील बिंदुओं को न्यूनतम करने के लिए जीएमडीए द्वारा प्राथमिकता के आधार पर कार्य किए जा रहे हैं। साथ ही, एक सुदृढ़ एवं सुव्यवस्थित सीवरेज प्रणाली अवैध रूप से बिना शोधन के अपशिष्ट जल के निकास की समस्या को भी दूर करेगी ।
सिटी बस सेवाओं एवं सार्वजनिक परिवहन अवसंरचना का संवर्धन
वर्ष 2026 में गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन सिटी बस लिमिटेड (जीएमसीबीएल) के मौजूदा 150 बसों के बेड़े में 200 इलेक्ट्रिक बसें जोड़ी जाएंगी, जिससे सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को बड़ा बल मिलेगा। सेक्टर-48 में ई-बस डिपो तथा न्यू गुरुग्राम के विभिन्न सेक्टरों में बस क्यू शेल्टर विकसित किए जा रहे हैं। सेक्टर-10 में बस टर्मिनल एवं अन्य प्रमुख स्थानों पर बस डिपो विकसित करने की योजना भी बनाई जा रही है। गुरुग्राम में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार के अनुरूप, जीएमडीए यात्रियों के लिए लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की योजनाएं भी तैयार करेगा।
वर्ष 2026 के लिए नियोजित ये पहलें गुरुग्राम की आधारभूत संरचना आवश्यकताओं को सक्रिय रूप से पूरा करने के प्रति जीएमडीए की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। सड़कों, जलापूर्ति, सीवरेज एवं ड्रेनेज जैसी मूलभूत शहरी सेवाओं को सुदृढ़ कर तथा टिकाऊ और कुशल परिवहन समाधानों का विस्तार कर, जीएमडीए गुरुग्राम को एक अधिक सुगम, सक्षम और भविष्य के लिए तैयार शहर बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है।









